Hindi Cartoony 3D Animation

INR 600–609

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About the project

I’m producing a light-hearted entertainment video in Hindi and need a talented 3D artist to turn my existing character and environment concepts into a lively, fully rendered cartoon. The look should feel playful rather than realistic, with exaggerated motions and vibrant colours that fit a family-friendly tone. You will receive: • reference sketches and a written outline describing each main scene, character personality, and setting • pronunciation notes and timing cues for the Hindi dialogue (voice-over will be supplied separately) I’m counting on you to handle modelling, rigging, texturing, animation, lighting, and final compositing. The final deliverable is a polished HD video ready to be dropped into my editing timeline, along with editable project files so I can make minor tweaks later if needed. Please tell me which software you prefer—Blender, Maya, 3ds Max or another package—and show a sample reel that proves you can capture a fun, cartoony style. If you have questions about the storyboards or timing, let’s sort them out early so production flows smoothly. Story **बजरंगबली और जंगल के किसान** # हिंदी कहानी — नैरेशन + डायलॉग सहित **पात्र:** * **कथावाचक** * **बजरंगबली हनुमान जी** * **मंगलू बंदर** — मेहनती किसान * **कालू बंदर** — मंगलू का दोस्त * **चतुर लोमड़ी** * **गजराज हाथी** * **भोलू भालू** * **हिरनी** * **तोता** * **चोरों का सरदार** * **दो चोर** -- बहुत समय पहले की बात है। एक घने और सुंदर जंगल में तरह-तरह के जानवर रहते थे। उस जंगल में ऊँचे-ऊँचे पेड़, मीठे पानी की नदी और हरे-भरे खेत थे। सबसे खास बात यह थी कि जंगल के जानवर सिर्फ जंगल में रहते ही नहीं थे, बल्कि वे खेती भी करते थे। कोई गेहूँ उगाता था, कोई केले और आम के पेड़ लगाता था, तो कोई सब्जियाँ उगाता था। उसी जंगल में एक मेहनती बंदर रहता था, जिसका नाम था **मंगलू**। मंगलू रोज सुबह सूरज निकलने से पहले उठता और अपने खेत में काम करने चला जाता। **मंगलू:** अरे कालू! जल्दी उठो भाई! सूरज निकल आया है। आज खेत में बहुत काम है। **कालू:** मंगलू भाई, तुम तो मुर्गे से भी पहले उठ जाते हो! **मंगलू हँसते हुए:** मेहनत करने वाले किसान के लिए सूरज कभी देर से नहीं निकलता। दोनों बंदर खेत में काम करने लगते हैं। --- मंगलू और उसके साथी जानवर मिल-जुलकर खेती करते थे। गजराज हाथी खेतों में पानी पहुँचाता था, भोलू भालू मिट्टी तैयार करता था और तोता दूर-दूर तक देखकर खेतों की रखवाली करता था। कुछ ही महीनों में जंगल के खेत लहलहा उठे। **गजराज:** मंगलू! इस बार तो फसल बहुत अच्छी हुई है। **मंगलू:** हाँ गजराज भाई। यह सब हम सबकी मेहनत का फल है। **भोलू:** और अब तो पूरे जंगल में खूब अनाज होगा! सभी जानवर खुशी से झूमने लगते हैं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि जंगल के बाहर रहने वाले कुछ चोर उनकी फसल पर नजर रखे हुए थे। --- रात के समय तीन चोर जंगल के किनारे पहुँचते हैं। **चोरों का सरदार:** देखो! पूरा जंगल फसल से भरा पड़ा है। अगर हम रात में चोरी करें तो किसी को पता भी नहीं चलेगा। **पहला चोर:** सरदार, लेकिन जंगल के जानवर बहुत हैं। **सरदार:** जानवर हैं, इंसान नहीं। उन्हें क्या पता चलेगा? पास के पेड़ पर बैठा तोता उनकी सारी बातें सुन लेता है। **तोता:** अरे बाप रे! ये तो फसल चोरी करने वाले हैं। मुझे तुरंत मंगलू को बताना होगा। तोता तेजी से उड़ जाता है। --- सुबह तोता सभी जानवरों को सारी बात बताता है। **तोता:** मैंने अपनी आँखों से देखा है। आज रात चोर हमारे खेतों में आने वाले हैं। **मंगलू:** अगर हमारी फसल चोरी हो गई तो पूरे जंगल के जानवर भूखे रह जाएंगे। **हिरनी:** हम क्या करें? **गजराज:** हम पहरा देंगे! **भोलू:** हाँ! मैं खेत के पास ही बैठूँगा। मंगलू कुछ सोचता है। **मंगलू:** दोस्तों, सिर्फ ताकत से चोरों को रोकना ठीक नहीं होगा। हमें ऐसी योजना चाहिए जिससे बिना किसी को नुकसान पहुँचाए उन्हें पकड़ा जा सके। तभी जंगल के बीच से तेज हवा चलती है। पेड़ों के पत्ते हिलने लगते हैं। मंगलू हाथ जोड़कर बोलता है— **मंगलू:** हे पवनपुत्र बजरंगबली! हमारी मेहनत की रक्षा करना। --- अचानक आसमान में चमक होती है और एक दिव्य प्रकाश जंगल में दिखाई देता है। **कथावाचक:** मंगलू की सच्ची पुकार बजरंगबली तक पहुँच गई। कुछ ही क्षणों में वहाँ **हनुमान जी** प्रकट हुए। सभी जानवर हाथ जोड़कर उनके सामने खड़े हो गए। **सभी जानवर:** जय बजरंगबली! **हनुमान जी:** डरो मत। जो मेहनत करता है और दूसरों के लिए अच्छा सोचता है, उसकी सहायता अवश्य होती है। **मंगलू:** प्रभु! हमारी फसल चोरी होने वाली है। हम क्या करें? **हनुमान जी मुस्कुराकर:** बल का उपयोग दूसरों को डराने के लिए नहीं, बल्कि उनकी रक्षा के लिए किया जाता है। तुम सब मिलकर अपनी बुद्धि और एकता का उपयोग करो। **कालू:** लेकिन प्रभु, चोर बहुत चालाक हैं। **हनुमान जी:** चालाकी का जवाब उससे बड़ी समझदारी से दिया जा सकता है। --- हनुमान जी सभी जानवरों को एक योजना बताते हैं। **हनुमान जी:** गजराज, तुम नदी के पास रहना। भोलू, तुम खेत के पीछे छिपना। तोता आसमान से नजर रखना। हिरनी रास्ते पर निगरानी करेगी। **मंगलू:** और हम बंदर? **हनुमान जी:** तुम पेड़ों के ऊपर से चोरों का पीछा करना। **कालू:** और अगर चोर भागने लगे? हनुमान जी मुस्कुराते हैं। **हनुमान जी:** तब उन्हें जंगल की सीमा तक जाने देना। लेकिन रास्ता ऐसा रखना कि वे वापस उसी जगह आ जाएँ। सभी जानवर समझ जाते हैं। --- रात हो जाती है। चारों तरफ सन्नाटा छा जाता है। चोर धीरे-धीरे जंगल में घुसते हैं। **सरदार:** धीरे चलो! आवाज मत करना। **पहला चोर:** सरदार, सामने खेत दिखाई दे रहा है। **दूसरा चोर:** आज तो खूब अनाज मिलेगा! वे बोरे निकालकर फसल भरने लगते हैं। ऊपर पेड़ पर मंगलू और कालू सब देख रहे होते हैं। **कालू धीरे से:** मंगलू भाई, अब? **मंगलू:** अभी नहीं। उन्हें थोड़ा आगे आने दो। चोर जैसे ही खेत के बीच पहुँचते हैं, मंगलू जोर से आवाज लगाता है। **मंगलू:** अब! अचानक चारों तरफ से जानवर निकल आते हैं। **भोलू:** रुक जाओ! **गजराज:** भागने की कोशिश मत करना! चोर घबरा जाते हैं। **सरदार:** अरे! ये क्या हो गया? -- चोर खेत से भागकर जंगल के रास्ते पर दौड़ते हैं। **पहला चोर:** सरदार! इस रास्ते से निकलो! वे तेजी से आगे बढ़ते हैं। लेकिन कुछ देर बाद फिर उसी खेत के पास पहुँच जाते हैं। **दूसरा चोर:** अरे! हम वापस यहीं कैसे आ गए? ऊपर पेड़ पर बैठे कालू हँसते हैं। **कालू:** क्यों भाई, जंगल पसंद आ गया क्या? चोर डर जाते हैं। तभी हनुमान जी उनके सामने प्रकट होते हैं। **सरदार काँपते हुए:** तुम... तुम कौन हो? **हनुमान जी:** मैं वही हूँ जिसके नाम से अन्याय करने वालों के मन में डर और सच्चे लोगों के मन में विश्वास पैदा होता है। **सरदार:** हमें माफ कर दीजिए! --- **हनुमान जी:** दूसरों की मेहनत चुराना आसान है, लेकिन मेहनत करना कठिन है। क्या तुमने कभी किसान की तरह सुबह से शाम तक मेहनत की है? चोर चुप हो जाते हैं। **सरदार:** नहीं प्रभु। **हनुमान जी:** तो फिर आज से चोरी छोड़ो। अगर तुम्हें भोजन चाहिए तो मेहनत करो। **मंगलू:** प्रभु, अगर ये सच में बदलना चाहते हैं तो हम इन्हें खेती करना सिखा सकते हैं। सभी जानवर मंगलू की ओर देखते हैं। **गजराज:** हाँ! जंगल में कोई भूखा नहीं रहेगा। **भोलू:** लेकिन सबको मेहनत करनी होगी! चोरों का सरदार सिर झुकाकर बोलता है— **सरदार:** हमें अपनी गलती समझ आ गई। हम वादा करते हैं कि आज के बाद चोरी नहीं करेंगे। --- अगली सुबह एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। जो चोर रात में फसल चुराने आए थे, वही अब मंगलू के साथ खेत में काम कर रहे थे। कोई मिट्टी खोद रहा था, कोई बीज बो रहा था और कोई खेत में पानी दे रहा था। **कालू:** अरे सरदार! अब समझ आया किसान बनना कितना मुश्किल है? **सरदार हँसते हुए:** हाँ भाई! कल तक मुझे लगता था कि खेत में फसल अपने आप उगती है। **मंगलू:** फसल मिट्टी में बीज से नहीं, किसान की मेहनत से भी उगती है। सब हँस पड़ते हैं। --- कुछ महीने बीत जाते हैं। नई फसल तैयार हो जाती है। पूरा जंगल खुशियों से भर जाता है। सभी जानवर मिलकर फसल काटते हैं। **हिरनी:** इस बार तो पहले से भी ज्यादा फसल हुई है! **गजराज:** क्योंकि अब हमारे साथ और भी मेहनती किसान हैं। चोर, जो अब किसान बन चुके थे, भी खुशी से मुस्कुराते हैं। **सरदार:** आज हमें समझ आया कि चोरी से मिलने वाली चीज थोड़े समय की खुशी देती है, लेकिन मेहनत से मिली चीज जिंदगी भर गर्व देती है। --- शाम को सभी जानवर एक बड़े पेड़ के नीचे इकट्ठा होते हैं। मंगलू हाथ जोड़ता है। **मंगलू:** बजरंगबली प्रभु, आपने हमारी फसल ही नहीं बचाई, बल्कि इन लोगों की जिंदगी भी बदल दी। हनुमान जी मुस्कुराते हैं। **हनुमान जी:** याद रखना—सच्ची ताकत दूसरों को हराने में नहीं, बल्कि किसी को सही रास्ते पर लाने में है। **मंगलू:** प्रभु, हम हमेशा मेहनत और ईमानदारी के रास्ते पर चलेंगे। **सभी जानवर:** जय बजरंगबली! जय श्री राम! हनुमान जी सभी को आशीर्वाद देते हैं और आकाश की ओर प्रस्थान करते हैं। -- **कथावाचक:** उस दिन के बाद जंगल में कभी चोरी नहीं हुई। सभी जानवर मिल-जुलकर खेती करते और अपनी मेहनत की कमाई आपस में बाँटकर खुशी से रहते। और जो चोर कभी दूसरों की फसल चुराने आए थे, वे उसी जंगल के सबसे मेहनती किसान बन गए। इस कहानी से हमें सीख मिलती है— **“मेहनत से कमाया हुआ छोटा सा निवाला भी चोरी से मिले बड़े धन से ज्यादा कीमती होता है।”** और जब हम **ईमानदारी, मेहनत और एकता** के साथ काम करते हैं, तो कोई भी मुश्किल हमारे रास्ते की बड़ी दीवार नहीं बन सकती। **सभी जानवर:** **जय बजरंगबली! जय श्री राम!** अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो, तो अगली कहानी में फिर मिलेंगे एक नई सीख और नए रोमांच के साथ।

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